में ऐसा जीताहूँ
तेरी झुकी पल्कोमे सूरजकी रौशनी दिखायिदे
तेरी खुली ज़ुल्फोमें राथ्की नशा नज़र आए
दिनमे तेरी ख्यालोंमें खोया रहताहूँ
रातोमे तेरी ख्वाबोमे सोयारेह्ताहूँ
में ऐसा जीताहूँ
तेरी यादें हमेशा दिलमे रखके जीताहूँ
Friday, June 19, 2009
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